नये वित्तीय वर्ष से दुर्ग जिले में भी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना

March 12, 2008 by chhattisgarhnews

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2007-08 में स्वीकृत विभिन्न प्रकार के 65 हजार 641 निर्माण कार्यों में से अब तक लगभग पैंतीस हजार कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। इनमें 18 लाख 34 हजार से अधिक परिवारों को 884 लाख 69 हजार मानव दिवस का रोजगार दिया गया है।

पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार राज्य के सोलह पुराने जिलों में से फिलहाल पन्द्रह जिलों में यह योजना चल रही है, जहां आठ हजार 822 ग्राम पंचायतों में 28 लाख 45 हजार 372 परिवारों का पंजीयन कर इन सभी परिवारों को रोजगार कार्ड दिए जा चुके हैं। इस कार्ड के आधार पर रोजगार की मांग करने वाले ग्रामीणों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा रोजगार देने की व्यवस्था की जा रही है। आगामी एक अप्रेल से शुरू हो रहे नये वित्तीय वर्ष 2008-09 में दुर्ग जिले को भी इस योजना में शामिल कर लिया जाएगा। इसके लिए वहां सभी तैयारियां तेजी से चल रही है। दुर्ग जिले में इस योजना के लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से अब तक दो लाख 05 हजार परिवारों का पंजीयन किया जा चुका है। इन्हें मिलाकर अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए पंजीकृत परिवारों की संख्या 30 लाख 50 हजार से अधिक हो जाएगी। वर्तमान में योजना के तहत तीस हजार 653 निर्माण कार्य चल रहे है, जिनमें औसतन 13 लाख ग्रामीणों को प्रतिदिन रोजगार मिल रहा है।

योजना के लिए उपलब्ध एक हजार 417 करोड़ 62 लाख रूपए के आवंटन में से एक हजार 175 करोड़ 55 लाख रूपए खर्च किए जा चुके हैं। पिछले महीने तक की स्थिति में बिलासपुर जिले में उपलब्ध 234 करोड़ रूपए के आवंटन में से 231 करोड़ 76 लाख रूपए, सरगुजा जिले में 178 करोड़ 40 लाख रूपए मे ंसे 134 करोड़ 35 लाख रूपए, रायगढ़ जिले में 133 करोड़ 66 लाख रूपए से 87 करोड़ रूपए, और बस्तर (जगदलपुर) जिले में 110 करोड़ 93 लाख रूपए से 101 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं। राजनांदगांव जिले में इस दौरान 111 करोड़ 18 लाख रूपए के उपलब्ध आवंटन से विभिन्न रोजगार मूलक कार्यों पर 85 करोड़ रूपए, कबीरधाम (कवर्धा) जिले में 102 करोड़ 60 लाख रूपए के आवंटन में से 59 करोड़ रूपए, रायपुर जिले में 86 करोड़ 77 लाख रूपए की उपलब्ध राशि से 72 करोड़ 25 लाख रूपए, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में 90 करोड़ 81 लाख रूपए के उपलब्ध आवंटन में से 85 करोड़ 87 लाख रूपए, धमतरी जिले में 65 करोड़ 27 लाख रूपए की उपलब्ध राशि से 62 करोड़ 87 लाख रूपए, जशपुर जिले में 68 करोड़ 30 लाख रूपए में से 55 करोड़ 15 लाख रूपए, कोरिया जिले में 50 करोड़ 45 लाख रूपए में से 41 करोड़ 60 लाख, कोरबा जिले में 35 करोड़ 87 लाख रूपए में से 34 करोड़ 60 लाख, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में 59 करोड़ 48 लाख रूपए में से 57 करोड़ 38 लाख रूपए और जांजगीर-चाम्पा जिले में 43 करोड़ 08 लाख रूपए में से 32 करोड़ 10 लाख रूपए पिछले माह तक खर्च किए जा चुके हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि विगत दो फरवरी को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। चालू वर्ष के स्वीकृत 65 हजार 641 कार्यों को मिलाकर राज्य में इस योजना के तहत दो वर्ष में एक लाख से अधिक विभिन्न प्रकार के रोजगार मूलक कार्य मंजूर किए जा चुके हैं, जिन पर एक हजार 585 करोड़ 38 लाख रूपए की धनराशि खर्च की गयी है। इनमें सबसे ज्यादा 24 हजार 418 कार्य ग्रामीण सड़क नेटवर्क के लिए मंजूर किए गए थे। जल संरक्षण और पानी रोकने के लिए विभिन्न प्रकार के 11 हजार  327 कार्य भी विगम दो वर्ष में इस योजना के तहत मंजूर किए गए। इसके अलावा भूमि विकास और भूमि समतलीकरण के 32 हजार 552, अनुसूचित जातियों और जनजातियों की जमीनों पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नौ हजार 421, परम्परागत जल निकायों के नवीनीकरण के संबंधित 9140, लघु सिंचाई योजनाओं के तीन हजार 112 और बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा से संबंधित 634 कार्य भी पिछले दो वर्ष में मंजूर किए गए।